पति ने हुस्न के जलवे दिखाने का मौका दिया


sex stories in hindi, savita bhabhi xxx मेरा नाम सविता लालवानी है, मैं अपने हुस्न पर बहुत ही घमंड करती हूं मेरी उम्र 25 वर्ष है मैं अहमदाबाद की रहने वाली हूं मुझे टैटू बनाने का बड़ा शौक है इसलिए मैंने अपनी योनि के कुछ ऊपर पर ही एक टैटू बना रखा है। मेरी शादी को 2 वर्ष हुए हैं मेरे पति ने मुझे सेक्स को लेकर पूरी तरीके से संतुष्ट किया हुआ है लेकिन मैं तब तक ही उनकी साथ अच्छे से थी जिस दिन उन्होंने मुझे कहा कि तुम घर पर ही रहती हो कुछ कर क्यों नहीं सकती तुम भी यदि कुछ काम करोगे तो मुझे भी आर्थिक रूप से मदद मिल जाएगी। मैंने भी उस दिन ठान लिया कि अब मै उन्हें इतना पैसा कमाकर दिखाऊंगी कि वह भी दंग रह जाएंगे। मैंने भी उस दिन ठान लिया कि अब मुझे भी कुछ करना है क्योंकि यह बात मेरे दिल पर लग चुकी थी। जब से मेरी शादी हुई थी तब से मैं घर पर ही थी इसलिए मैं अपने ऊपर ज्यादा ध्यान नहीं दे पा रही थी और मेरा हुस्न भी ढलने लगा था।

मैं ब्यूटी पार्लर गई और मैंने अपने आप को पहले जैसा ही बना दिया, जब मैंने अपने आप को शीशे में देखा तो मैं अपने आप से बहुत खुश हुई। शाम को मेरे पति घर लौटे तो वह भी मेरी तारीफ किए बिना नहीं रह सके लेकिन उनकी बात मेरे दिल पर लग चुकी थी इसलिए मैं अब उन्हें कुछ करके दिखाना ही चाहती थी। उन्होंने मुझसे पूछा कि तुम इतना बन ठन कर कहां जाने वाली हो। मैंने कहा बस आप रहने दीजिए आपने मुझे कह दिया कि तुम कुछ करती नहीं हो इसलिए मैंने भी अब जॉब करने की सोच ली ह, मैं अब आपको यह भी दिखा दूंगा कि मेरा नाम भी सविता है। वह मुझे समझाने लगे वह बात मेरे मुंह से निकल गई थी क्योंकि मैं परेशान था लेकिन तुम्हें कहीं कुछ करने की जरूरत नहीं है। मैं भी अपनी बात पर अड़ी हुई थी इसलिए मैंने भी यह तय कर लिया था कि मैं अब काम कर के ही रहूंगी और अपने पति को पैसे कमा कर ही दिखाऊंगा क्योंकि यह मेरी इज्जत का सवाल था। अगले दिन मै इंटरव्यू देने गई, मैंने उस दिन काली रंग की छोटी सी स्कर्ट पहनी हुई थी और ऊपर से मैंने एक कोट पहना हुआ था जिसमें मैं बहुत हॉट और सेक्सी लग रही थी।

मैं जिस ऑफिस में गई थी मैं वहां के रिसेप्शन में बैठी हुई थी और जो भी वहां आता मुझे देख कर चला जाता, जब भी वह मुझे देखते तो उनकी नजर मे हवस प्रतीत होती, उनकी नज़रों में मेरे लिए सेक्स की भावना थी, मैं समझ चुकी थी कि मैं अच्छी लग रही हूं इसलिए मैं भी बार बार आपने आपको देख रही थी। मैंने अपनी जांघों पर भी वैक्स कर लिया था जिससे कि मेरी जांघ बड़ी गोरी गोरी दिखाई दे रही थी और सब लोग उसे देखे जा रहे थे। जब मुझे रिसेप्शन पर बैठी हुई लड़की ने कहा कि आप अंदर चले जाइए मैंने ऊंची ऊंची हील वाली सैंडल पहनी हुई थी। जब मैं अंदर गई तो वहां पर एक 45, 50 वर्ष के व्यक्ति बैठे हुए थे वह कंपनी के बॉस थे। उन्होंने मुझे बैठने के लिए कहा मैं जब बैठी तो मेरे स्तन दिखाई दे रहे थे वह अपने चश्मे के अंदर से मेरे स्तनों पर नजर मार रहे थे। मैं उन्हें ध्यान से देख रही थी उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या आपने इससे पहले कहीं जॉब की है। मैंने उन्हें सब कुछ बता दिया, मेरी शादी हो चुकी थी इस वजह से मैं जॉब नहीं कर पाई लेकिन उससे पहले मैं जॉब करती थी। वह अपने चश्मा के अंदर से मेरे स्तनों को देख रहे थे। मुझे ऐसा लग रहा था जैसे कहीं उनके चश्मों के शीशे टूट ना जाए जिस प्रकार से उनकी नजरें मेरे स्तनों की लकीरों पर पड़ रही थी। वह बड़ी हवास भरी नजरों से देख रहे थे मैंने भी थोड़ा बहुत अपने स्तनों को ऊपर की तरफ उठा लिया जिससे कि वह मेरे स्तनों को और भी अच्छे से देख पा रहे थे। वह बड़ी हवस भरी नजरों से मुझे देख रहे थे मुझे उनकी नज़रों से यह लग चुका था कि मेरा सिलेक्शन पक्का है और किसी का हो ना हो लेकिन मेरा तो जरूर हो जाएगा। मैं उनके साथ 20 मिनट तक बैठी रही उन्होंने मुझे कहा कि आपको हमारे ऑफिस की तरफ से फोन आ जाएगा। मैं कुर्सी से उठी तो मैंने जाते जाते उन्हे अपने स्तनों की लकीर दिखाई दी। जब मैं जा रही थी तो वह मेरी गांड की तरफ भी देख रहे थे क्योंकि मैंने ऊंची हील पहनी थी इसलिए मेरी गांड और भी ज्यादा बड़ी दिखाई दे रही थी।

मैं जब उनके ऑफिस से बाहर आई तो मैं बहुत खुश थी क्योंकि मुझे यकीन हो चुका था कि वह मेरा सिलेक्शन जरूर कर देंगे। मैं जब ऑटो में घर जा रही थी तो ऑटो वाला मुझे बड़े ध्यान से अपने शीशे में देख रहा था। उस दिन मैं बहुत खुश थी मैंने सोचा क्यों ना आज इस ऑटो वाले को भी अपने यौवन का प्याला पिला दिया जाए। मैं ऑटो वाले को अपनी शर्ट के बटन खोल कर दिखा दिए जिससे कि मेरी ब्रा दिखाई देने लगी। वह भी अपने आप पर कंट्रोल नहीं कर पाया और वह बड़ी तेज स्पीड में ऑटो चलाने लगा। जब वह मेरे घर के पास पहुंचा तो मैंने उसे अपने साथ बुला लिया, मैंने उसका काला और मोटा लंड देखा तो मैं भी अपने आप को नहीं रोक पाई, मैंने भी उसके लंड को हिलाते हिलाते अपने मुंह के अंदर ले लिया और बड़े अच्छे से मैंने उसके लंड को चूसा। वह इतना खुश हो चुका था कि जब उसने मुझे चोदा तो उसने शायद मेरी जैसी गोरी और मुलायम चूत आज तक नही देखी होगी लेकिन उसे मैंने अपने यौवन का सुख दिया। उसने मुझसे किराया भी नहीं लिया और कहने लगा मैडम आज के बाद मैं आपके पास हमेशा ही आ जाया करूंगा। मैंने उसे कहा मादरचोद क्या यहां पर कोई खैरात बांट रही है कि तुम हमेशा ही यहां पर आ जाओगे आज के बाद मुझे तुम कभी भी अपनी शक्ल मत दिखाना। वह अपना मुरझाया सा मुंह लेकर वहां से चुपचाप निकल गया। मेरा भी कुछ दिन बाद सिलेक्शन हो गया।

जब मैं ऑफिस में काम करने लगी तो मेरे बॉस की हवस भरी नजरें मुझे हमेशा ही देखती रहती, मैं उनकी चश्मे की तरफ देखती तो उनकी नजरे मेरे स्तनों को ताड रही होती। मैं जब भी उनके पास जाती तो वह किसी ना किसी प्रकार से मुझे छू ही लेते थे जिससे कि उनकी इच्छा थोड़ी बहुत पूरी हो जाती थी लेकिन मैं भी उनके सब्र को देख रही थी कि कब तक वह अपने आप पर कंट्रोल कर सकते हैं। मैं उन्हें बड़ा तड़पा रही थी मैं भी उनके सामने बड़ी मटक कर चलती थी मै उनके वीर्य को उनकी पैंट के अंदर ही गिरा देती थी। एक दिन उन्होंने मुझे अपने कैबिन में बुला लिया और उन्होंने मुझे बैठने के लिए कहा। उस दिन उनके सब्र का बांध टूट चुका था और उन्होंने अपने मुंह से ही मुझे कह दिया कि मुझे तुम अपने यौवन का जाम पिला ही दो मैं अब ज्यादा नहीं रह सकता हूं। मैंने भी सोचा कि उन्हें ज्यादा ना तड़पाया जाए, मैंने उन्हें अपने स्तन खोलकर दिखाए तो उन्होंने मेरे स्तनों पर ऐसे हाथ लगाया जैसे उन्होंने आज तक किसी के स्तन ना देखे हो उन्होंने मेरे स्तनों को दबाते हुए मेरे स्तनों को भी बाहर निकाल लिया। मेरे स्तनों पर उन्होंने अपने दांतो से भी काट लिया था वह मेरे  निप्पल को चूस रहे थे जैसे कि वह कितने दिनों के भूखे बैठे हो। जब उनका लंड पूरा खड़ा हो चुका था, उन्होंने मुझे कहा कि अब मुझसे नहीं रहा जाएगा। मैंने भी उनके लंड को उनकी पैंट से बाहर निकाल लिया और अपने मुंह में समा लिया। मैने बड़े अच्छे से उनके लंड को चूसा जब उनका पानी निकल आया तो मैंने भी अपनी स्कर्ट को ऊपर उठाया और अपनी पैंटी को खोलते हुए उनके लंड को अपनी योनि के अंदर ले लिया। जैसे ही उनका कड़क और मोटा लंड मेरी योनि के अंदर उतरा तो वह कहने लगे सविता तुम्हारी चूतडे तो बहुत ही भारी भारी हैं और तुम्हारे यौवन का तो जवाब ही नहीं है। मैंने भी उन्हें कहा सर आप बैठे रहिए आपको मैं आज पूरे मजे देती हूं। मैंने अपनी शर्ट उतार ली और बड़ी तेज गति से अपनी चूतडो को ऊपर नीचे करना शुरू कर दिया था। वह बहुत उत्तेजित हो चुके थे और उनका वीर्य उनके टोपे तक पहुंच चुका था इसलिए ज्यादा समय तक वह मेरी गर्मी को भी नहीं झेल पाए। जैसे ही उनका वीर्य मेरी योनि में गिरा तो मैंने भी अपनी योनि को साफ कर लिया। मेरा प्रमोशन भी हो चुका है और मुझे जितने भी पैसे चाहिए होते है वह मुझे दे देते है।